DATE-8 AUG 2021 FORCE TODAY NEWS NSG


फाॅर्स टुडे रिपोर्टर शिवानी अग्रवाल ने नीरज की बहनो से बात की ,

ओलिंपिक में 121 साल का इंतजार खत्म-बहनें बोलीं- रक्षा बंधन के लिए इससे अनमोल कोई गिफ्ट नहीं-

भारत का ओलिंपिक में एथलेटिक्स का गोल्ड जीतने का 121 साल का इंतजार खत्म हो गया है।
 जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने देश को इस खेल में गोल्ड मेडल दिलाया। उन्होंने शनिवार को हुए फाइनल मुकाबले में 87.58 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ जेवलिन थ्रो इवेंट में पहला स्थान हासिल किया।

Neeraj Chopra wins India its maiden Athletics Olympic Medal, a Gold!



टोक्यो ओलिंपिक में भारत को पहला गोल्ड मेडल दिलाने वाले नीरज चोपड़ा के परिजनों के खुशी के 
आंसू नहीं रुके। बहन संगीता और सरिता ने कहा कि रक्षाबंधन आने वाला है। भाई इस पवित्र त्योहार
 से पहले ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीता गया। किसी भी बहन के लिए दुनिया का सबसे बड़ा उपहार 
है। मां बोलीं कि नीरज ने 11 साल की मेहनत को सोने में बदल दिया। नीरज की जीत के बाद गांव में 
जश्न का माहौल .नीरज के गोल्ड जीतने के बाद मां सरोज देवी ने बताया कि नीरज ने देश के लिए गोल्ड जीतने को 11 साल से कड़ी मेहनत की है। परिवार भी पूरी तरह नीरज के साथ रहा। इसी का परिणाम है कि नीरज ने 11 साल की मेहनत को सोने में बदला है।

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भारत ने 1900 में हुए दूसरे ओलिंपिक गेम्स में पहली बार हिस्सा लिया था। तब से आज तक कोई भारतीय एथलेटिक्स के किसी इवेंट में मेडल नहीं जीत पाया था। 1900 ओलिंपिक में ब्रिटिश इंडिया की ओर से खेलते हुए स्प्रिंटर नॉर्मन प्रिटचार्ड ने दो सिल्वर मेडल जीते थे। लेकिन, प्रिटचार्ड अंग्रेज थे भारतीय नहीं।

नीरज ने पहले अटैम्प्ट में 87.03 मीटर और दूसरे अटैम्प्ट में 87.58 मीटर दूर भाला फेंका था। जबकि तीसरे अटैम्प्ट में उन्होंने 76.79 मीटर दूर भाला फेंका था। चौथे और पांचवें अटैम्प्ट में उन्होंने फाउल थ्रो किया। छठवें अटैम्प्ट में उन्होंने 84.24 मीटर दूर भाला फेंका।


क्वालिफाइंग में 86.65 मी. का थ्रो किया
नीरज इस समय बेहतरीन लय में हैं। उन्होंने टोक्यो ओलिंपिक में जेवलिन थ्रो के क्वालिफाइंग इवेंट में 86.65 मीटर का थ्रो किया था। उन्होंने क्वालिफाइंग के ग्रुप A और ग्रुप B को मिलाकर पहला स्थान हासिल किया था। नीरज का पर्सनल बेस्ट 88.06 मीटर है। इस थ्रो के साथ उन्होंने 2018 एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल जीता था।

सिल्वर और ब्रॉन्ज चेक खिलाड़ी जीते
नीरज ने ओलिंपिक का गोल्ड जीता, तो सिल्वर और ब्रॉन्ज पर चेक रिपब्लिक के खिलाड़ियों ने कब्जा जमाया। जाकुब वेदलेच 86.67 मीटर थ्रो के साथ सिल्वर और वितेस्लाव वेसेली ने 85.44 मीटर के थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।

ट्रैक एंड फील्ड में देश को पहला मेडल
ट्रैक एंड फील्ड इवेंट्स यानी एथलेटिक्स ओलिंपिक गेम्स का मुख्य आकर्षण होते हैं, लेकिन नीरज से पहले कोई भारतीय इन इवेंट्स में मेडल नहीं जीत पाया था। ब्रिटिश इंडिया की तरफ से खेलते हुए नॉर्मन प्रिटचार्ड ने साल 1900 में हुए ओलिंपिक में एथलेटिक्स में दो मेडल जीते थे, लेकिन वे भारतीय नहीं अंग्रेज थे।

भारत को 13 साल बाद ओलिंपिक गोल्ड
ओलिंपिक गेम्स में भारत को 13 साल बाद किसी इवेंट में गोल्ड मेडल मिला है। इससे पहले, 2008 के बीजिंग ओलिंपिक में निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने गोल्ड जीता था। बिंद्रा ने 10 मीटर एयर राइफल इवेंट का गोल्ड अपने नाम किया था।

भारत का अब तक का 10वां गोल्ड
यह ओलिंपिक गेम्स में भारत का अब तक का 10वां गोल्ड मेडल है। भारत ने इससे पहले हॉकी में 8 और शूटिंग में 1 गोल्ड मेडल जीता है। इस तरह भारत का यह अभिनव बिंद्रा के बाद सिर्फ दूसरा इंडिविजुअल गोल्ड मेडल भी है।

फाॅर्स टुडे रिपोर्टर शिवानी अग्रवाल