मेरीकॉम रेफरियों के फैसले से खफा:
मेरीकॉम की आंखों में आंसू
38 साल की मेरीकॉम इससे पहले 32 साल की वेलेंसिया को दो बार हरा चुकी थीं।
जब रेफरी ने मुकाबले के अंत में वेलेंसिया का हाथ ऊपर उठाया, तो मेरीकॉम की
आंखों में आंसू थे। इसके बाद कोलंबियाई बॉक्सर ने मेरीकॉम को गले से लगाया
और उन्हें सांत्वना दी। मेरीकॉम का ओलिंपिक गोल्ड जीतने का सपना भी टूट
गया। इससे पहले वे 2012 लंदन ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं।
ओलिंपिक पदक हासिल करने का सपना टूटने के बाद भारतीय बॉक्सर एमसी मैरिकॉम ने अपने मुकाबले के फैसले पर सवाल उठाए हैं। मेरीकॉम ने हार के लिए अंपायर्स, इंटरनेशनल बॉक्सिंग फेडरेशन और इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी (IOC) पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि बॉक्सिंग टास्क फोर्स का फैसला बहुत खराब है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में मेरिकॉम ने ये साफ कर दिया है कि वो खेल को अलविदा कहने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मैं ब्रेक लूंगी, परिवार के साथ समय बिताऊंगी। लेकिन मैं खेल नहीं छोड़ रही हूं। अगर कोई टूर्नामेंट होता है तो मैं जारी रखूंगी और अपना भाग्य आजमाऊंगी।
सोशल मीडिया से पता चला कि हार गई हूं
प्री-क्वार्टर
फाइनल में कोलंबियाई बॉक्सर इन्ग्रिट वेलेंसिया से हार के बाद मेरीकॉम ने
कहा कि मैच के बाद मैं रिंग के अंदर खुश थी। जब मैं बाहर आई, तब भी मैं खुश
थी। मुझे पता था कि मैं जीत गई थी। जब वे मुझे डोपिंग के लिये ले जा रहे
थे, तब मैं ये बात जानती थी। मुझे मेरे कोच छोटे लाल यादव ने बताया कि मैं
हार गई। मैंने किरण रिजिजू का ट्वीट देखा। उस ट्वीट से मुझे यकीन हुआ कि
मैं हार चुकी हूं। मैंने 3 में से 2 राउंड जीते। फिर मैं हार कैसे गई।
फैसले को बिल्कुल समझ नहीं पा रही हूं
उन्होंने कहा है
कि मैं इस फैसले को बिल्कुल भी नहीं समझ पा रही हूं। पता नहीं क्या गड़बड़
है, IOC और टास्क फोर्स को क्या समस्या है। मैं भी टास्क फोर्स की मेंबर
थी। मैं साफ सुथरे मैच के लिए उन्हें सुझाव भी देती थी और उनका सहयोग भी
करती थी। लेकिन, उन्होंने मेरे साथ क्या किया?
सबसे खराब बात ये कि प्रोटेस्ट नहीं किया जा सकता
मैरीकॉम
ने कहा, ‘मैंने इस मुक्केबाज को दो बार हराया है। मैं विश्वास ही नहीं कर
सकी कि रेफरी ने उसका हाथ उठाया था। कसम खाती हूं कि मुझे अहसास ही नहीं
हुआ कि मैं हार गई थी, मुझे इतना भरोसा था। सबसे खराब बात है कि फैसले का
रिव्यू और प्रोटेस्ट नहीं किया जा सकता है, वरना मैं ऐसा जरूर करती।
मेरीकॉम बोलीं, "ईमानदारी से कहूं तो मुझे भरोसा है कि दुनिया ने देखा होगा। रेफरियों जो कुछ किया, यह कुछ ज्यादा ही हो गया है। मुझे दूसरे राउंड में सर्वसम्मति से जीतना चाहिए था, तो यह 3-2 कैसे था? एक मिनट या एक सेकेंड के अंदर एक एथलीट का सब कुछ चला जाता है। जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं जजों के फैसले से निराश हूं।'
श्रीलंका ने भारत को 7 विकेट से हराया:
श्रीलंका ने गुरुवार रात भारत को तीसरे और आखिरी टी-20 मैच में 7 विकेट से हरा दिया। इसी के साथ उसने टी-20 सीरीज को 2-1 से जीत लिया है। यह श्रीलंकाई टीम की भारत के खिलाफ पहली द्विपक्षीय टी-20 सीरीज जीत है। इससे पहले 7 सीरीज में से भारत ने 6 सीरीज जीती थी। 2009/10 में हुई सीरीज 1-1 से ड्रॉ रही थी।
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 81 रन बनाए। श्रीलंकाई स्पिनर वानिंदु हसारंगा का गुरुवार को जन्मदिन था। इस दौरान उन्होंने सिर्फ 9 रन देकर 4 विकेट झटके। जवाब में श्रीलंका ने 14.3 ओवर में 3 विकेट पर 82 रन बनाकर मैच जीत लिया। धनंजय डिसिल्वा 23 रन और हसारंगा 14 रन बनाकर नॉटआउट रहे। हसारंगा को मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज भी चुना गया।
81 रन टी-20 में टीम इंडिया का श्रीलंका के खिलाफ पहले बैटिंग करते हुए
सबसे कम स्कोर रहा। इससे पहले 2016 में पुणे में टीम इंडिया 18.5 ओवर में
101 रन बनाकर ऑलआउट हुई थी। यह मैच श्रीलंका ने 5 विकेट से जीता था। खास
बात यह है कि इस मैच में 2 विकेट लेने वाले शनाका ने उस मैच में भी 3 विकेट
लिए थे। ओवरऑल टी-20 में टीम इंडिया का सबसे कम स्कोर 74 रन का है। यह
उसने 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न में बनाया था।




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